अयोध्या ब्यूरो मनोज तिवारी
त्रेता के खेवनहार निषादों पर ठाकुरों का कहर, घर से बेघर
शंभूनाथ सिंह उर्फ दीपू सहित उनके गुर्गों पर एफआईआर दर्ज

निषाद ठाकुरों के साथ वफादारी त्रेता से ही संबंध निभा रहे हैं और अब 2014 , 2017, 2019, 2022 व ,2024 से राजनीतिक सपोर्टर है। लेकिन दिनांक 25/10/2025 को अयोध्या के पूराबाजार में दिन में ठाकुरों द्वारा निषादों के वफादारी की सजा, ठाकुरों का अहसान फरोश व सामंती कहर देखने को मिला। दिन में लगभग 1 बजे शंभूनाथ सिंह उर्फ दीपू सिंह ने अपने साथ आठ से दस गुर्गों के साथ आये और लगभग 80 प्रतिशत निर्माण हो चुके मकान में निवास कर रही निषाद बहू प्रीती निषाद की बेटियों, सास, देवर बृजेश आदि को जमकर मारने पीटने लगे। उसकी बुजुर्ग सास का गला दबाते हुए जमीन पर बेरहमी से पटक दिया और निषाद बहू प्रीती का कपड़ा फाड़कर उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया, देवर बृजेश को दबोचकर अपने गिरफ्त में कर लिया। नवनिर्मित पूरे मकान को दीपू सिंह व उनके गुर्गों ने बैरिकेडिंग कर दिया। किसी तरह अपनी जान बचाकर पूरा परिवार स्थानीय थाना महराजगंज पहुंचा जहां मामूली धारा में मुकदमा अपराध संख्या 0334/25 बीएनएस की धारा 115(2), 76, 351(3), 352 में दीपू सिंह व उनके अज्ञात गुर्गों पर मुकदमा दर्ज हुआ। समाचार लिखने तक निषाद समाज पर कहर ढाने वाले दबंगों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। फिलहाल दीपू सिंह व उनके गुर्गों की दबंगई ने योगी राज के जीरो टालरेंस की कलई खोल दी है। और इस घटना से आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में त्रेता के साथी निषादों के आंख की पट्टी खुल जाएगी। शायद इसी कहर की वजह से 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या में कमल नहीं खिला और यदि इन सामंती सोच के लोगों पर योगी राज की पुलिस समय रहते नकेल नहीं कसी तो 2027 के चुनाव का भी यही हश्र होगा।






