अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
तहसील कर्मी सावधान: लेखपाल शिकार , फोन पे पर पैसा डाल कर फंसाने की नई साज़िश ।
जनपद अम्बेडकर में कर्मचारियों/ अधिकारियों को फंसाने का एक नया ट्रेंड चला है। आवेदक के मन-मुताबिक काम न होने पर रिश्वत के नाम पर आपके फोन पे पर पैसा डाल दिया जाएगा। फिर साक्ष्य के रुप में उसे रख लिया जाएगा और उसे मीडिया में देकर हाईलाइट किया जाएगा। फिर उक्त अधिकारी/ कर्मचारी से मनमाना बार्गेनिंग की जाएगी। अभी हाल ही में ठीक इसी तरह का जलालपुर तहसील में ज्वलंत मुद्दा मीडिया में चल रहा है। साज़िश का शिकार श्रीराम लेखपाल हो गये। कटघर मूसा के लिए मोहर्रम के पहले तहसीलदार के आदेश से पैमाइश के दृष्टिगत टीम गठित हुई उक्त टीम में आरआई प्रमोद शुक्ला लेखपाल रवि पटेल जिसमें श्रीराम लेखपाल भी थे। 08/07/2025 को पैमाइश हुई लेकिन उसमें श्रीराम लेखपाल पैमाइश के वक्त मौके पर नहीं पहुचे थे। क्षेत्रीय लेखपाल मोहसिन रजा और रवि पटेल पैमाइश किये। वादी रामबचन ने लेखपालों से रिश्वत की बात की लेखपालों ने तुरंत कड़े शब्दों में रिश्वत लेने से मना किया। लेकिन आवेदक ने कूटरचित ढंग से श्री राम लेखपाल जो पैमाइश के मौके पर नहीं गये थे उन्हीं के फोन पे नंबर पर पांच हजार रुपए भेज दिया। फिर लेखपाल से बार्गेनिंग की जाने लगी लेखपाल अपनी मोबाइल मोबाइल स्विच ऑफ कर लिये । स्विच ऑफ खोलने के बाद लेखपाल को पता चला कि आवेदक द्वारा उसके मोबाइल पर पैसा भेजा गया है। आये हुए पैसे को फिर से उसी मोबाइल पर श्रीराम लेखपाल द्वारा पैसा वापस भेज दिया जाता है। आवेदक द्वारा इसी तरह से पैसे को भेजकर तभी से रिश्वत के नाम पर लेखपाल श्रीराम को रगड़ा जा रहा है। उनके साथ बार्गेनिंग की जा रही है। उन्हें जालसाजी में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उन पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। सर्वविदित है कि रिश्वत कोई भी फोन पे अथवा गूगल पे पर नहीं लेता । रिश्वत आनलाइन देकर लेखपाल श्रीराम को फंसाने की साज़िश स्पष्ट दिख रही है। फिलहाल सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को ऐसे साजिशकर्ताओं से सावधान रहने की जरूरत है अन्यथा सबको श्री राम लेखपाल की तरह झेलने पर मजबूर होना पड़ेगा।






