जौनसार-बावर की बेटी आकृति तोमर ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, उत्तराखंड न्यायिक सेवा में हासिल की सफलता
- नौकरी के साथ की तैयारी, दूसरे प्रयास में बनीं सिविल जज; बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
विकासनगर। जौनसार-बावर क्षेत्र की बेटी आकृति तोमर ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा-2023 में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से जौनसार-बावर क्षेत्र में खुशी की लहर है।
आकृति तोमर ने वर्ष 2016 में सेंट मैरी स्कूल, हरिद्वार से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद वर्ष 2021 में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज, देहरादून से बीए एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2021 में सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) के पद पर पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। वर्तमान में वह कोटद्वार में सहायक अभियोजन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

खास बात यह है कि गरिमा ने अपनी सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। इससे पूर्व वर्ष 2024 में भी उन्होंने न्यायिक सेवा परीक्षा का साक्षात्कार दिया था। लगातार प्रयास और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने दूसरे प्रयास में उत्तराखंड न्यायिक सेवा में चयनित होकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
आकृति की सफलता इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि पूरी तैयारी स्वाध्याय (सेल्फ स्टडी) के माध्यम से की। नौकरी के साथ समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
आकृति के पिता श्याम सिंह तोमर वर्तमान में हरिद्वार में संयुक्त निदेशक अभियोजन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता अनीता तोमर गृहिणी हैं। परिवार में मिले संस्कार, मार्गदर्शन और गरिमा की अपनी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आकृति तोमर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर बिना कोचिंग के भी बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।






