मुंबई ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
गीता जयंती के अवसर पर श्री लाले महाराज जी ने भक्तों को भेंट किये यथार्थ गीता
विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजई धर्मशास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित करूणा निधान परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज आजकल श्री परमहंस आश्रम पालघर मुंबई में आध्यात्मिक प्रवास पर हैं । जैसा कि सर्वविदित है कि भगवान जहां रहते हैं वहीं लक्ष्मी जी चरण सेवा करती हैं उनके दर्शन हेतु पूरा जनसमूह भक्त गणों का तांता लगा हुआ है , श्री परमहंस आश्रम पालघर मुंबई में । भक्तों की खूब भीड़ हो रही है। ऐसे में गीता जयंती के शुभ अवसर पर भक्तों को यथार्थ गीता भेंट श्री लाले महाराज जी द्वारा किया गया। माया नगरी मुंबई में मायापति की लीलाओं का सानंद भक्तगण ले रहे हैं। विश्व विदित है कि यथार्थ गीता श्रीमद् भागवत गीता भाष्य की यथार्थ व्याख्या है। इसीलिए पूज्य श्री गुरुदेव भगवान ने गीता के पहले यथार्थ शब्द जोड़ दिया हैं। यह ईश्वरीय वाणी है। पूज्य श्री गुरुदेव भगवान की रुचि लिखने पढ़ने में नहीं थी फिर भी भगवान ने उन्हें लिखने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने भगवान के आदेश से इसे लिपिबद्ध किया। एक ईश्वर की आराधना करने को निर्देशित यथार्थ गीता भगवान के श्रीमुख से निसृत दिव्य अमृतवाणी है। तो ऐसे में आज श्री परमहंस आश्रम पालघर मुंबई में भक्तों को यथार्थ गीता पूज्य श्री गुरुदेव भगवान के कृपापात्र शिष्य श्री लाले महाराज महाराज जी द्वारा वितरित किया गया






