अम्बेडकर नगर ब्यूरो बांकेलाल निषाद “प्रणव”
चैत्र के नवरात्र में राम का जन्म और क्वार के नवरात्र में राम का राज्याभिषेक होता है — श्रद्धा जी महाराज
विश्व गुरु विश्व गौरव से सम्मानित कालजयी धर्मशास्त्र यथार्थ गीता के प्रणेता समय के तत्व द्रष्टा महापुरुष अनंत विभूषित परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज के कृपापात्र शिष्य श्री श्रद्धा जी महाराज ने बताया कि भगवान राम सनातन संस्कृति के नव वर्ष के प्रथम चैत्र मास में पड़ने वाले नवरात्र में उनका जन्म होता है और क्वार मास में पड़ने वाले दूसरे नवरात्र में भगवान राम का राज्याभिषेक होता है। चैत में चिंता यह कीजै।
*Lयह तन घड़ी घड़ी छीजै ।। इससे करिये तनिक विचार
सार वस्तु है क्या संसार? सत्य वस्तु है आत्मा मिथ्या जगत पसार….
अर्थात सत्य /असत्य का विचार करके वे सद्गुरु की शरण जाते हैं। उन्हें बाल्यकाल में ईष्ट को बश में करने वाले वशिष्ठ जैसे सद्गुरु मिले । कुछ दिन उन्होंने ब्रम्हर्षि विश्वामित्र से भी विद्या सीखी उन्हीं की शरण में रहकर ही उन्होंने ताड़का, सुबाहु जैसे आसुरी शक्तियों का संहार किये। श्री श्रद्धा जी महाराज ने बताया कि राम अंतःकरण में स्थित दैवीय शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं और रावण आसुरी शक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है। श्वास प्रश्वास के यजन अर्थात श्रृंगी ऋषि की कृपा से जब भगवान राम का अंतःकरण में जन्म होता है तो हम खुशी मनाते हैं प्रथम नवरात्र के अंतिम दिवस रामनवमी के नाम से। और अंतःकरण में राम और रावण की लड़ाई शुरू हो जाती है जिसमें भाव रुपी भरत, सत्संग रुपी शत्रुघन , विवेक रुपी लक्ष्मण, वैराग्य रुपी हनुमान आदि दैवीय शक्तियों की सहयोग से मोह रुपी रावण, क्रोध रुपी कुंभकर्ण, काम रुपी मेघनाद आदि आसुरी शक्तियों को परास्त करके भगवान राम का राज्याभिषेक होता है। तो नवरात्र जो क्वार मास में पड़ता है तो उसके अंतिम दिवस पर हम भगवान राम के राज्याभिषेक की खुशी में दशहरा मनाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में जितने भी त्योहार है सब आध्यात्म परक हैं। श्री श्रद्धा महाराज आज हैदराबाद चौराहे के समीप विनोद चौधरी के भूमि पूजन में आये हुए थे। उन्होंने बताया कि भगवान पूज्य श्री गुरुदेव स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज की शरण में श्रद्धा से जाइये आशीर्वाद लीजिए और उनकी पावन कृति यथार्थ गीता को पढ़ें आत्मा का कल्याण होगा।






