वरिष्ठ पत्रकार एवं चिंतक बांकेलाल निषाद “प्रणव”
चौधरी ट्रंप:– तेरी जवानी पलीद एपस्टीन में बुढ़ापा पलीद ईरान में ।
मिडिल ईस्ट, जापान, ताइवान, दक्षिणी कोरिया आदि देशों की सुरक्षा का गारंटी देने वाला ईरानी जंग में हांफ रहा है। टैरिफ मास्टर ट्रंप का बड़बोलापन अहंकार और हेकड़ी निकल चुका है। वे ईरानी युद्ध के ऐसे दलदल में फंसे हैं कि उनका दिमाग काम ही नहीं कर रहा है। उनके नाटो साथी ग्रीनलैंड का मरहम लगा कर खुश हैं। वेनेज़ुएला ट्रंप के बुरे हालात पर दावत खा रहा है। रुस और चीन सबसे ज्यादा खुश हैं वे सोच रहे हैं कि किसी तरह आया ऊंट पहाड़ के नीचे। सारी सुपरपावरी ऐसी मिट्टी में मिली कि जैसे गब्बर को कालिया के कारण मिली थी। कोई भी देश सुपरपावर के धराशायी शरीर को उठाने के लिए तैयार नहीं है । वर्षों से बनी साख वापसी के लिए चौधरी तड़फड़ा रहा है। सीजफायर कराने के दृष्टिगत पूरे विश्व में चौधरी ट्रंप का एक ही डाकिया मिला केवल पाकिस्तान जो खुद भूखमरी के कगार पर है । आपरेशन सिन्दूर में लात खाया पाकिस्तान ईरान द्वारा चोटिल चौधरी ट्रंप के पिछवाड़े में मरहम लगा रहा है। ट्रंप पूरी दुनिया में अकेला पड़ गये है। पूरी दुनिया उनसे मुंह मोड़ लिया है। यहां तक कि उनके दोस्त मोदी जी इस बुरे दिन में चौधरी ट्रंप का साथ छोड़ दिए हैं। ट्रंप इंतजार करते रह गये कि हो सकता है कि उनका दोस्त मोदी जी का एक भी वक्तव्य आये लेकिन पूरे युद्ध के दौरान एक भी वक्तव्य नहीं आया। आखिर आये भी तो कैसे रुस भी तो भारत का बहुत पुराना दोस्त है मोदी जी को उसका भी ख्याल रखना है। हालांकि कि मोदी जी से कोई पूछा भी नहीं पूरे युद्ध के दौरान कि आपके दोस्त चौधरी ट्रंप कैसे हैं? फिलहाल युद्ध का असर टैरिफ मास्टर के दोस्त मोदी जी पर भी दिखा गैस तेल इत्यादि की बड़ी किल्लत हुईं लेकिन उनके पास भारत माता की जय वाला ऐसा अचूक हथियार जो पूरे विश्व में किसी के पास नहीं होगा। टैरिफ मास्टर ट्रंप भी हैरान है कि मेरा साथी मोदी की कौन सी नीति थी कि आपरेशन सिन्दूर में जल्दी जल्दी पाकिस्तान को लतिया कर घुटने पर ला दिया और अपनी छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा लिया और वहीं मैं ईरान को चार दिन के बजाय चौवालीस दिन हो गये और मैं इजरायल के साथ मिलकर भी ईरान का कुछ नहीं बिगाड़ पाया। आपरेशन एपिक फ्यूरी का जोश ही ठंडा पड़ गया । पूरे विश्व का धाकड़ लीडर आज बेचारा ट्रंप बन गया है। टैरिफ मास्टर की जवानी एपस्टीन ले गयी और बुढ़ापा ईरान ले जाने में लगा है । आज तक पूरी दुनिया में जो सम्मान अमेरिका का था आज चौधरी ट्रंप के चलते सब नाश हो गया। गब्बर ने कालिया से पूछा कि वो कितने आदमी थे जवाब मिला सरकार दो और यहां तो ईरान अकेला है । अकेले ही ईरान ने चौधरी का भर्ता बना दिया। अमेरिकी पार्लियामेंट चौधरी से पूछी कि ईरान से लड़ने ही क्यों चले गए ? यह युद्ध ईरान – इजरायल का मामला था फिर हमें क्यों कुदा दिया? अमेरिका को ईरान युद्ध में क्यों फंसा दिया? ऐसे पूछ रहे हैं जैसे कभी सुग्रीव ने बालि से लात खाने के बाद राम से पूछा था कि हे राम आपके कहने से ये झगड़ा मैंने मोल लिया। लेकिन यहां तो इजरायल से चौधरी सवाल ही नहीं कर पा रहा है। मतवाला ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की धमकी दी जा रही है। चौधरी जहां कभी अपने आप को प्रभु ईस का दूत घोषित करने में लगा था वहीं आज पोप भी उसके खिलाफ वक्तव्य दे रहे हैं। पोप की धमकी से टैरिफ चौधरी को मिर्ची लग गयी। इस युद्ध में चौधरी के गले की हड्डी यदि कोई बना है तो वो है होर्मुज स्टेट । जिसे खोलने के लिए चौधरी सीजफायर, गीदड़ भभकी, सभ्यता का विनाश, पाषाण युग में ढकेलना जैसे न जाने क्या- क्या धमकियां ईरान को दे रहा है। लेकिन कोई धमकी काम नहीं आयी। निकोलस मादुरो के अपहरण ने जो धाक पूरे विश्व में चौधरी ट्रंप का बनाया था वह धाक ईरान ने नेस्तनाबूत कर दिया। टैरिफ मास्टर का चौधिराना अस्त के कगार पर है। चौधिराना कैसे कायम रहे इसके लिए टैरिफ मास्टर पुरजोर बंदर प्रयास कर रहा है। टैरिफ मास्टर के हालात पर नाटो मेंबर इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी की निगाहों में सस्पेंस है। इजरायल मस्त है। मिडिल ईस्ट पस्त है।






