National media news ( nm news)

सम्पादक देवेन्द्र राय

October 30, 2026 2:20 pm

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विकासनगर की क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण की कवायद तेज, मुख्य अभियंता ने किया स्थलीय निरीक्षण

विकासनगर की क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण की कवायद तेज, मुख्य अभियंता ने किया स्थलीय निरीक्षण

प्रमुख सम्पादक देवेन्द्र सिंह राय

विकासनगर में ढालीपुर–ढकरानी पुल से भीमावाला, शांतिधाम, पुल नंबर-1 और तिकोना पार्क से डाकपत्थर तक क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग ने कवायद तेज कर दी है।

आज लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री दयानंद तिवारी ने अधिशासी अभियंता श्री त्रिपाठी और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ प्रभावित सड़क का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने सड़क की बदहाल स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त मार्गों के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल आगणन तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए।

आपको बता दें कि यह सड़क कुछ समय पहले ही जल विद्युत निगम से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित हुई है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अब विभागीय निरीक्षण के बाद सड़क के पुनर्निर्माण की उम्मीद जगी है। हालांकि, सड़क निर्माण कार्य कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, यह स्वीकृति और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

विभाग की ओर से जनता की सुविधा, सुरक्षित आवागमन और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

अब देखना होगा कि निरीक्षण के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और क्षेत्रवासियों को बदहाल सड़क से कब राहत मिलती है।

NM News live
Author: NM News live

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# ढकरानी क्रशर जोन से हजारों युवाओं को मिला रोजगार, उत्तराखंड सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी ### स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती, ट्रांसपोर्ट से लेकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति तक बढ़े रोजगार के अवसर **ढकरानी (विकासनगर)।** देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र के ढकरानी गांव में स्थापित क्रशर जोन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। क्रशर उद्योगों के संचालन से क्षेत्र के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने के अवसर पैदा हुए हैं। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ने से आम लोगों को भी राहत मिली है। क्रशर जोन से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे उत्तराखंड सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। ढकरानी क्रशर जोन के अध्यक्ष संदीप कुमार राणा के अनुसार, क्षेत्र में क्रशर उद्योग स्थापित होने से पहले निर्माण कार्यों के लिए रोड़ी, बजरी और रेत जैसी सामग्री के लिए काफी हद तक हिमाचल प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। दूरस्थ स्थानों से निर्माण सामग्री मंगाने के कारण परिवहन खर्च बढ़ जाता था, जिसका सीधा असर भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों की लागत पर पड़ता था। ढकरानी में क्रशर जोन स्थापित होने के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री उपलब्ध होने लगी, जिससे परिवहन दूरी और खर्च कम करने में मदद मिली। इससे आम जनता को अपेक्षाकृत कम लागत पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ीं। ### रोजगार के कई क्षेत्रों को मिला बढ़ावा क्रशर जोन का लाभ केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। क्रशर उद्योगों में श्रमिकों, मशीन ऑपरेटरों और तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, वाहन संचालन, मरम्मत, डीजल आपूर्ति तथा निर्माण सामग्री की ढुलाई जैसे कार्यों में भी लोगों को काम मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर बढ़ी आर्थिक गतिविधियों से अनेक परिवारों की आजीविका को सहारा मिला है। क्षेत्र में संचालित उद्योगों के कारण छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलने की संभावना बढ़ी है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिली है। ### खनिज संसाधनों के प्रबंधन से राजस्व को लाभ ढकरानी क्रशर जोन के अध्यक्ष संदीप कुमार राणा ने बताया कि क्षेत्र में क्रशर उद्योगों की स्थापना से पहले खनिज सामग्री के प्रसंस्करण और उससे संबंधित आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर पर सीमित था। अब राज्य में स्थापित क्रशर उद्योगों के माध्यम से खनिज संसाधनों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार, खनन विभाग के निदेशक राजपाल लेघा और खनन अधिकारी ऐश्वर्या शाह के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि खनन एवं खनिज संसाधनों से संबंधित व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सकती है। खनन से जुड़े वैधानिक शुल्क और रॉयल्टी के माध्यम से सरकारी राजस्व में भी योगदान होता है। हालांकि, राजस्व में वास्तविक वृद्धि का आकलन संबंधित विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है। ### निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर उपलब्धता का लाभ ढकरानी क्रशर जोन स्थापित होने से क्षेत्र में निर्माण सामग्री की आपूर्ति व्यवस्था को भी सहारा मिला है। स्थानीय स्तर पर सामग्री उपलब्ध होने से भवन निर्माण, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए आपूर्ति करना सुविधाजनक हुआ है। दूरी कम होने से परिवहन समय और लागत में कमी आने की संभावना रहती है, जिसका लाभ ठेकेदारों, निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों और आम उपभोक्ताओं को मिल सकता है। यमुना नदी और उससे जुड़े खनिज संसाधनों के प्रबंधन के संदर्भ में उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के बीच भौगोलिक एवं प्रशासनिक समन्वय भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में खनन गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों, पर्यावरणीय मानकों और संबंधित विभागों की अनुमति के अनुसार होना आवश्यक है, ताकि आर्थिक विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके। ### उद्योग और सरकार के समन्वय से विकास की उम्मीद ढकरानी क्रशर जोन क्षेत्र में रोजगार सृजन, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योगों के बेहतर संचालन, सरकारी नियमों के पालन और विभागीय निगरानी के माध्यम से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ उत्तराखंड के राजस्व में योगदान की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। क्रशर जोन से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय बना रहने पर ढकरानी तथा आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को और गति मिल सकती है।