एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य को हटाने की मांग, टीसी काटने के मामलों की जांच की मांग
रिपोर्ट जोधवीर सिंह रावत
देहरादून। उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़ ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय मेहरावना, चकराता, जनपद देहरादून के प्रधानाचार्य को तत्काल हटाने तथा उनके कार्यकाल में आठ छात्र-छात्राओं की टीसी काटे जाने के मामलों की जांच कराने की मांग की है।

पत्र में अभिभावक संघ की ओर से प्राप्त शिकायत का हवाला देते हुए कहा गया है कि विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक की कक्षाएं संचालित हैं, जिसमें करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत एवं निवासरत हैं। शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 8 से 10 छात्र-छात्राओं की टीसी बिना उचित कारण काटे जाने का आरोप है। पत्र में इसे समाज के कमजोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कक्षा 10 के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के मध्य विद्यालय से टीसी काटने तथा विद्यालय प्रबंधन एवं विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। पत्र के अनुसार छात्रों के भोजन एवं विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी अभिभावक संघ द्वारा प्रधानाचार्य से बातचीत की गई, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 7 अगस्त 2026 को कक्षा 10 के दो छात्रों संदीप चौहान पुत्र सूरत सिंह चौहान एवं दिव्यांशु तोमर पुत्र भगत सिंह तोमर की मध्यावधि में टीसी काट दी गई। वहीं, पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य के जनजाति क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए भारत सरकार के अधीन निःशुल्क आवासीय विद्यालय होने के बावजूद विद्यालय के नाम एवं संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

गीता राम गौड़ ने मुख्य सचिव से पूरे मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराने, प्रधानाचार्य को तत्काल हटाने, छात्रों की टीसी काटे जाने के कारणों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
पत्र की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी भेजे जाने की बात कही गई है।






